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एहसान के तौर पर की गई राजा की हत्या, पुलिस का बड़ा खुलासा

राजा रघुवंशी की हत्या से पहले सोनम को गायब करने की साजिश थी। प्लान जब परवान नहीं चढ़ा तो गुवाहटी में राजा को मारने का षड्यंत्र रचा गया। बाद में मेघालय में अंजाम दिया।

Sonam and King Raghuvanshi.

सोनम और राजा रघुवंशी। (Photo Credit: Social Media)

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राजा रघुवंशी हत्याकांड में रोजाना नई-नई परतें खुलने लगी हैं। अब मेघालय पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड राज कुशवाहा ही है। पुलिस ने सुपारी देकर हत्या करवाने के दावे को खारिज कर दिया। उसका कहना है कि राज के दोस्तों ने एहसान के तौर पर हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या की पूरी साजिश में सोनम मिली हुई थी। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया है। 

 

राजा रघुवंशी हत्याकांड में गुरुवार को मेघालय की पूर्वी खासी हिल्स जिले की पुलिस ने प्रेसवार्ता की। जिले के एसपी विवेक सिम ने मीडिया को बताया, 'राज कुशवाहा हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। सोनम रघुवंशी ने उसका साथ दिया। राज कुशवाहा के चचेरे भाई समेत तीन अन्य दोस्त भी वारदात में शामिल हैं। यह कोई कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मामला नहीं है। आरोपियों ने अपने दोस्त के लिए एहसान के तौर पर हत्या को अंजाम दिया।'

 

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सोनम को गायब करने की थी साजिश

एसपी ने बताया कि फरवरी महीने में आरोपियों ने सोनम को गायब करने की साजिश रची। पहली साजिश थी कि यह बताया जाए कि सोनम नदी में बह गई। दूसरी साजिश के तहत किसी महिला की हत्या करनी थी। इसके बाद शव को सोनम की स्कूटी में रखकर जलाना था, ताकि बाद में सोनम को मृत घोषित करके गायब किया जा सके। मगर आरोपी दोनों ही साजिशों में कामयाब नहीं हो सके। 

 

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पहले राजा को गुवाहटी में मारने का था प्लान

एसपी ने आगे बताया कि शादी के बाद राजा और सोनम कामाख्या मंदिर दर्शन पहुंचे तो आरोपी भी कुछ दिन पहले यहां आ गए थे। तीनों ने गुवाहटी में राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची। यह भी साजिश परवान नहीं चढ़ी तो सोनम ने मेघालय आने का प्लान बनाया। पुलिस ने बताया कि वारदात स्थल से बरामद रेनकोट सोनम का ही था। उसने खून पोंछने के लिए आकाश को दिया था। 

 

बुर्का पहनकर पटना से आरा और लखनऊ से इंदौर पहुंची सोनम

एसपी ने बताया कि विशाल चौहान ने सोनम को बुर्का दिया, जिसे राज ने भेजा था। बुर्का पहने के बाद सोनम गुवाहटी पहुंची। वहां से बस पकड़कर सिलीगुड़ी पहुंची। यहां से पटना और बस से आरा पहुंची। आरा से वह लखनऊ पहुंची और वहां से बस पकड़कर इंदौर गई। लोकल मीडिया को एक गाइड ने तीन लोगों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद तीनों लोगों की पहचान की गई और उनकी प्रोफाइल तैयार की गई। तब राज ने सोनम को इंदौर छोड़ने और सिलीगुड़ी जाने को कहा, ताकि खुद को पीड़ित के तौर पर पेश कर सके। इस बीच यूपी और एमपी में पुलिस की दो टीमें थीं। जब पहले शख्स को पकड़ा गया तो राज घबरा गया। उसने तुरंत सोनम से कहा कि वे अपने घरवालों को फोन करे। इसके बाद ही पूरा मामला खुल गया। 

 


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